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आजमगढ़ में आजम खां का छलका दर्द, बोले- ताजमहल या कुतुबमीनार की चोरी का कराते केस

आजमगढ़ में सपा प्रत्याशी धर्मेन्द्र यादव के समर्थन में आजम खां ने लोगों से वोट देने की अपील की। जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार पर हमला बोला। 
यूपी के आजमगढ़ में लोकसभा उपचुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। पार्टियों के दिग्गज नेताओं ने जनपद में डेरा डाल दिया है। इसी क्रम में शनिवार को सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां का आजमगढ़ आगमन हुआ। इस दौरान उन्होंने नसीरपुर और मुबारकपुर में जनसभा को संबोधित किया।


सपा प्रत्याशी धर्मेंद्र यादव के समर्थन में जनता से वोट के लिए अपील की। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार और यूपी सरकार के नीतियों पर जमकर बरसे। आजम खां ने कहा कि मुल्क, सूबे और आपकी बेहतरी के लिए हमने और हमारे अपनों ने क्या-क्या नहीं सहा। मेरे खिलाफ सैकड़ों मुकदमे दर्ज हैं। किताबें, फर्नीचर और मुर्गी चोरी ही नहीं, डकैती की धाराएं भी हमारे ऊपर लगाई गई हैं।
आजमगढ़ में आजम खां आठ साल बाद किसी राजनीतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे। इस मौके पर सपा के राष्ट्रीय महासचिव बलराम यादव, विधायक आलमबदी, विधायक नफीस अहमद, जिलाध्यक्ष हवलदार यादव, त्रिभुवन दत्त, पूर्व एमएलसी राकेश यादव उर्फ गुड्डू, विधायक अखिलेश यादव आदि मौजूद रहे। 

जेल में बिताए पलों का किया जिक्र
उन्होंने कहा कि मैं 27 महीने की तनहाई काटकर आया हूं वह इसलिए कि हुक्मरानों पर कत्ल का इल्जाम न आए और हम मर जाएं। हमें सीतापुर की ऐसी जेल में रखा गया जहां लोग खुदकुशी करते हैं। लेकिन मैं कल भी जिंदा था, आज भी हूं और कल भी रहूंगा। जेल में मुझे एक कमरे में बंद रखा गया। दरवाजे पर पांच लोगों को पहरे पर बिठाया गया था।
संगीन दौर से गुजर रहा मुल्क
लोकसभा उपचुनाव के लिए सपा प्रत्याशी धर्मेंद्र यादव के पक्ष में समर्थन जुटाने पहुंचे सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां ने ‘अग्निपथ’ को लेकर कहा कि बिहार की आग यूपी में भी आ गई है। पूरा मुल्क संगीन दौर से गुजर रहा है। उन्होंने नसीरपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए अपना दर्द भी बयां किया।

उन्होंने कहा कि इंसानों के बीच नफरत पैदा की जा रही है। लोग एक-दूसरों के मोहल्लों में रहने से डरने लगे हैं। अग्नि पर लोग चल रहे हैं। हिंदुस्तान ने बहुत बुरे दिन देखे हैं। पहले भी लोगों के साथ छल हुआ, अब भी छले जा रहे हैं। इस आग में किस-किसको निशाना बनाया जाएगा, इससे होशियार रहने की जरूरत है।

जेल में बिताए पल पर उन्होंने कहा कि जो जुल्म मेरे साथ हुआ, उसे याद रखा जाएगा। हम 27 महीने तक जेल में रहे। हमको एड़ियां रगड़ने को मजबूर किया गया, पर हमने ऐसा नहीं किया। मैं यहां अपनी तकलीफ का जिक्र करने नहीं आया हूं। आपसे कहने आया हूं कि ‘लम्हों ने खता की थी, सदियों ने सजा पाई’ इस चुनाव से हुकूमत नहीं बदलेगी, लेकिन मुल्क को एहसास हो जाएगा कि हम किस तरह विश्व गुरु बनेंगे।

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