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शिवपाल यादव की हालत 'ना इधर के रहे ना उधर के सनम' वाली दिख रही है। क्या अखिलेश से पंगा पड़ गया है भारी?

अखिलेश यादव और शिवपाल सिंह यादव के बीच में चल रही तनातनी की खबरें लंबे समय से आती रहे हैं ऐसे में अब इन खबरों पर विराम लगता दिख रहा है क्योंकि प्रसपा सुप्रीमो शिवपाल सिंह यादव अब अपनी ही पार्टी के संगठन को मजबूत करने में लगे हुए हैं जिसके बाद मानों मीडिया में चल रही खबरों पर विराम सा लग गया है।

akhilesh yadav and shivpal yadav ki ladai



प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के प्रमुख शिवपाल यादव की आज की हालत 'ना इधर के रहे ना उधर के सनम' वाली दिख रही है. कभी वो योगी आदित्यनाथ की योजनाओं की तारीफ कर देते हैं तो कभी समाजवादी पार्टी के शासन की। कभी लखीमपुर खीरी मामले के आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने पर सुप्रीम कोर्ट के तारीफ करते दिखते हैं। कभी वो समान नागरिक समहिता जैसे बीजेपी के कोर एजेंडे के पक्ष में खड़े दिखते हैं जिसके बाद ऐसा कहा जा रहा है कि अखिलेश से पंगा लेकर शिवपाल ने अपनी सबसे बड़ी सियासी गलती कर दी है।

शिवपाल यादव के बीजेपी में जाने के कयासों पर लगा विराम

ऐसे भी कयास लगे थे कि शिवपाल सिंह यादव 19 अप्रैल को बीजेपी में शामिल हो सकते हैं इन सभी अटकलों पर पूरी तरीके से विराम लग चुका है क्योंकि अब ऐसी खबरें आ रही हैं कि शिवपाल सिंह यादव किसी भी हाल में बीजेपी में नहीं जाने वाले वह बीजेपी की नीतियों के खिलाफ 5 साल संघर्ष करने का मन बना चुके हैं जिसके बाद ऐसा कहा जा रहा है कि यूपी बीजेपी की मुश्किलें शिवपाल यादव बढ़ा सकते हैं।

वर्तमान में सपा से ही विधायक हैं शिवपाल सिंह यादव

समाजवादी पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़े शिवपाल सिंह यादव वर्तमान में जसवंत नगर विधानसभा से विधायक हैं उनका गांव सैफई भी इसी विधानसभा में लगता है साथ ही अखिलेश यादव करहल विधानसभा से चुनाव लड़े थे यह दोनों विधानसभा में एक दूसरे से लगी हुई हैं खास बात यह है कि खुद अखिलेश यादव और उनके पूरे परिवार ने शिवपाल सिंह यादव को अपना वोट दिया था।

रामगोपाल और शिवपाल यादव की भी देखी गई थी दूरियां

रामगोपाल यादव और शिवपाल सिंह यादव के बीच भी तनातनी की खबरें लोकसभा चुनाव में पूरे जोरों पर थी और यह सच साबित की हुई क्योंकि रामगोपाल यादव के बेटे के खिलाफ फिरोजाबाद से खुद शिवपाल सिंह यादव ने ताल ठोक दी थी जिसके बाद इसका सीधा फायदा बीजेपी को हुआ।

रामगोपाल यादव के खिलाफ भी ठोक चुके हैं शिवपाल ताल

लोकसभा चुनाव 2019 में अखिलेश यादव अपने चाचा शिवपाल की पार्टी को बीजेपी की B टीम बताते रहे उसके बाद शिवपाल सिंह यादव ने रामगोपाल के बेटे के खिलाफ फिरोजाबाद से ताल ठोक दी थी और खुद 90000 वोट पाकर अक्षय यादव के सांसद बनने का सपना तोड़ दिया।
विधानसभा चुनाव 2022 में चाचा भतीजे की दूरियां नजदीक क्यों में बदल गई एक दूसरे ने एक मंच एक रथ से रैलियां भी की जब चुनावी नतीजे आए तो नतीजे समाजवादी पार्टी के पक्ष में नहीं देखे इसके बाद फिर से चाचा भतीजे में दूरियां बनती दिख रही है।