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World Environment Day 2019 || विश्व पर्यावरण दिवस विशेष

विश्व पर्यावरण दिवस के बारे में-




विश्व पर्यावरण दिन हर वर्ष 5 जून को मनाया जाता है। ये दिन पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण हेतु पूरे विश्व में मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने सन 1972 में इस दिवस की शुरुआत वैश्विक स्तर पर पर्यावरण के प्रति राजनीतिक और सामाजिक जागरूकता के लिए की गयी थी। 5 जून 1974 को पहला विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। इसे अन्य नामो Eco Day, World Environment Day, WED से भी जाना जाता है।

1972 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा 5 जून से 16 जून तक मानव पर्यावरण विषय पर संयुक्त राष्ट्र महासभा का आयोजन किया गया था। इसमें प्रत्येक वर्ष 143 से ज्यादा देश हिस्सा लेते है, क्योंकि 1987 में सुझाव दिया गया था कि इसके केंद्र बदलते रहना चाहिए और इसके बाद विश्व पर्यावरण दिवस का आयोजन हर वर्ष अलग-अलग देश में किया जाता है। 2018 का होस्ट देश भारत है।

पर्यावरण से जुड़े मुद्दे जैसे भोजन की बर्बादी, वनों की कटाई साथ ही ग्लोबल वार्मिग का बढ़ना ये कारण ही है जिसके प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए हर साल विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है।
विभिन्न वर्षो पर विश्व पर्यावरण दिवस के विषय-


  • वर्ष 1973 का विषय - "केवल एक पृथ्वी"

  • वर्ष 1974 का विषय - "केवल एक पृथ्वी"

  • वर्ष 1975 का विषय - "मानव समझौता"

  • वर्ष  1976 का विषय - "जल जीवन के लिए एक बड़ा स्त्रोत"

  • वर्ष 1977 का विषय - "ओजोन परत पर्यावरण चिंता; भूमि की हानि और मिट्टी का निम्निकरण"

  • वर्ष 1978 का विषय - "बिना विनाश के विकास"

  • वर्ष 1979 का विषय - "हमारे बच्चो के लिए केवल एक भविष्य" और नारा "बिना विनाश के विकास"

  • वर्ष 1980 का विषय - "नये दशक के लिए एक नयी चुनौती: बिना विनाश के विकास"

  • वर्ष 1981 का विषय - "जमीन का पानी; मानव खाद्य श्रंखला में जहरीला रसायन"

  • वर्ष 1982 का विषय - "स्टाकहोम ( पर्यावरण चिन्ताओ का पुनः स्थापन) के 10 वर्ष बाद"

  • वर्ष 1983 का विषय - "खतरनाक गंदगी को निपटाना और प्रबंधन करना: एसिड की बारिश और ऊर्जा"

  • वर्ष 1984 का विषय - "मरुस्थलीकरण"

  • वर्ष 1985 का विषय - "युवा जनसंख्या और पर्यावरण"

  • वर्ष 1986 का विषय - "शांति के लिए एक पौधा"

  • वर्ष 1987 का विषय - "पर्यावरण और छत: एक छत से ज्यादा"

  • वर्ष 1988 का विषय - "जब लोग पर्यावरण को प्रथम स्थान पर रखेंगे, विकास अंत में आयेगा"

  • वर्ष 1989 का विषय - "ग्लोबल वार्मिंग; ग्लोबल वार्मिंग"

  • वर्ष 1990 का विषय - " बच्चे और पर्यावरण"

  • वर्ष 1991 का विषय - "जलवायु परिवर्तन| वैश्विक सहयोग के लिए जरुरत"

  • वर्ष 1992 का विषय - "केवल एक पृथ्वी, ध्यान दे और बाँटे"

  • वर्ष 1993 का विषय - "गरीबी और पर्यावरण" और नारा "दुष्चक्र को तोड़ो"

  • वर्ष 1994 का विषय - "एक पृथ्वी एक परिवार"

  • वर्ष 1995 का विषय - "हम लोग वैश्विक पर्यावरण के लिए एक हो"

  • वर्ष 1996 का विषय - "हमारी पृथ्वी, हमारा आवास, हमारा घर"

  • वर्ष 1997 का विषय - "पृथ्वी पर जीवन के लिए"

  • वर्ष 1998  का विषय - "पृथ्वी पर जीवन के लिए" और नारा "अपने सागर को बचायें"

  • वर्ष 1999 का विषय - "हमारी पृथ्वी- हमारा भविष्य" और नारा "इसे बचायें"

  • वर्ष 2000 का विषय - "पर्यावरण शताब्दी" और नारा "काम करने का समय"

  • वर्ष 2001 का विषय - "जीवन की वर्ल्ड वाइड वेब"

  • वर्ष 2002 का विषय - "पृथ्वी को एक मौका दो"

  • वर्ष 2003 का विषय - "जल" और नारा "2 बिलियन लोग इसके लिये मर रहे है"

  • वर्ष 2004 का विषय - "चाहते है! समुद्र और महासागर" और नारा "मृत्यु या जीवित"

  • वर्ष 2005 का विषय - "हरित शहर" और नारा "ग्रह के लिए योजना बनाये"

  • वर्ष 2006 का विषय - "रेगिस्तान और मरुस्थलीकरण" और नारा "शुष्क भूमि पर रेगिस्तान मत बनाओ"

  • वर्ष 2007 का विषय - "बर्फ का पिघलना- एक गंभीर विषय है"

  • वर्ष 2008 का विषय - "CO2, आदत को लात मारो - एक निम्न कार्बन अर्थव्यवस्था की ओर"

  • वर्ष 2009 का विषय - "आपके ग्रह को आपकी जरुरत है- जलवायु परिवर्तन का विरोध करने के लिए एक होना"

  • वर्ष 2010 का विषय - "बहुत सारी प्रजाति| एक ग्रह| एक भविष्य"

  • वर्ष 2011 का विषय - "जंगल: प्रकृति आपकी सेवा में"

  • वर्ष 2012 का विषय - "हरित अर्थव्यवस्था: क्यो इसने आपको शामिल किया है"

  • वर्ष 2013 का विषय - "सोचो, खाओ, बचाओ" और नारा "अपने फ़ूडप्रिंट को घटाओ"

  • वर्ष 2014 का विषय - "छोटे द्वीप विकसित राज्य होते है" या "एसआइडीएस" और "अपनी आवाज उठाओ, ना कि समुद्र स्तर"

  • वर्ष 2015 का विषय - "एक विश्व, एक पर्यावरण"

  • वर्ष 2016 का विषय - "दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने के लिए दौड़ में शामिल हो"

  • वर्ष 2017 का विषय - "प्रकृति से लोगो को जोड़ना था"

  • वर्ष 2018 का विषय - "बीट प्लास्टिक प्रदुषण"


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